• Subhasish Mishra

वेब डिज़ाइन क्या है ?-Web development & web design in Hindi

Updated: Aug 20


Web design क्या है? Web development क्या है? Difference between web design & web development.



Web ओर world wide web(w3) internet servers का एक collection है जिसमे विविन्न तेरह  की documents का आदान प्रदान होता है। ये documents कई प्रकार के होसकते हैं, जैसे की Audio,video,image और अन्य files ये सब documents का आदान प्रदान जिस language के मदद से किया जाता हे उसे HTML(Hyper Text Markup Language )कहा जाता हे ।

वेब डेवलपमेंट क्या है?

We Development ,(world wide web) या एक internet (एक intranet) के लिए एक वेबसाइट develop करने का काम है। Web development में, हम एक static single page website और साथ ही एक complex web app  बना सकते हैं।देखते हैं कि वास्तव में web कैसे काम करता है। मूल रूप से internet में 2 प्रमुख भाग होते हैं। एक server है और दूसरा client है।server वह मशीन है जो client द्वारा अनुरोधित सेवा देती है।इस प्रक्रिया को Request-Response model कहा जाता है।इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हमें एक माध्यम की आवश्यकता होती है और इस माध्यम को web page के रूप में जाना जाता है।जहां web page लोड होता है उसे web browser कहा जाता है। Web browser के उदाहरण Google Chrome, Internet explorer, Mozilla Firefox आदि हैं।



वेब डिज़ाइन क्या है?-What is web design in Hindi

वेब डिज़ाइन इंटरनेट पर प्रदर्शित होने वाली वेबसाइटों के डिज़ाइन को संदर्भित करता है। वेब डिज़ाइन डेस्कटॉप ब्राउज़र के लिए डिजाइनिंग वेबसाइटों पर केंद्रित किया जाता था; हालांकि, 2010 के मध्य से, मोबाइल और टैबलेट ब्राउज़रों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।

साधारण भाषा में एक website खोलने के बाद जो pages हम देखते यानि की एक web page जैसे हमे दीखता हैं उसीको बनाने की काम को web designing कहते है। हम ऐसे भी कह सकते हैं की एक web page का front end को बनाना ही web design है।


आइए इन सभी बातों के बारे में विस्तार से जानते हैं।


वेब सर्वर क्या है?-What is a web server in Hindi


Web server साधारणतः एक कंप्यूटर ही है , लेकिन यह केवल एक specific कार्य करने के लिए इस्तमाल किया जाता है।हम जो भी वेब में search करते हैं वो पहले एक Request की तरह वेब सर्वर में जाता है। वेब सर्वर में कई सारे वेबपेजे store होते हैं। उन pages में से हो भी हमारे भेजे गए request के match करता है उसे web server तुरंत हमारे ब्राउज़र में भेज देता है। ये process कुछ milliseconds के अंदर होता है इसीलिए हमें इसके बारे में पता नहीं चलता।

वेब पेज क्या है?-What is a web page in Hindi


वेबपेज एक वेबसाइट द्वारा प्रदान की गई जानकारी का एक विशिष्ट संग्रह है। एक वेबसाइट में आमतौर पर कई वेब पेज होते हैं जो एक साथ सुसंगत रूप से जुड़े होते हैं। "Web page" नाम एक किताब में एक साथ बंधे कागज के पन्नों का एक रूपक है।


वेब पेज का मुख्य तत्व Hyper Text Markup Language (HTML) में लिखी गई एक या एक से अधिक text files हैं। कई वेब पेज dynamic व्यवहार के लिए Javascript कोड का उपयोग करते हैं और design के लिए Cascading Style Script (CSS) कोड का उपयोग करते हैं। Images, videos, और अन्य multimedia फ़ाइलें भी अक्सर वेब पेजों में होती हैं।


प्रत्येक वेब पेज की पहचान एक अलग Uniform Resource Locator (URL) द्वारा की जाती है। जब user किसी URL को अपने ब्राउज़र में इनपुट करता है, तो उस पृष्ठ के तत्व वेब सर्वर से डाउनलोड होते हैं। ब्राउज़र तब सभी तत्वों को उपयोगकर्ता के डिवाइस पर एक इंटरैक्टिव विज़ुअल प्रतिनिधित्व में बदल देता है।


server-side वेबसाइट के दृष्टिकोण से, दो प्रकार के वेब पेज हैं: static और dynamic। Static pages user के साथ interactive नहीं हैं। एक बार जब वे लोड हो जाते हैं तो आप केवल उन्हें देख सकते हैं। आप उन पर कोई ऑपरेशन नहीं कर सकते।लेकिन dynamic pages के मामले में यह user के संचालन के अनुसार बदल जाएगा।उदाहरण के लिए यदि आप किसी कॉलेज की वेबसाइट खोलते हैं, तो homepage(first page) सभी suser के लिए समान होता है। लेकिन जब आप अपना result देखना चाहते हैं तो यह अलग-अलग रोलनंबर के लिए अलग-अलग दिखाई देगा। Home page static है और result page dynamic है।

Web page दो भागों में विभाजित है, एक है frontend और दूसरा backend है।Web browser पर user जो देख रहा है वह frontend है। वे code जो server के लिए request भेजने के लिए उपयोग किए जाते हैं, जो frontend के माध्यम से collect किए जाते हैं, backend कहलाते हैं।HTML एक frontend language है। यह बहुत सारी backend language हैं लेकिन उनमें से कुछ PHP, Python, Java आदि हैं।


वेब ब्राउज़र क्या है?-Web browser in Hindi


एक वेब ब्राउज़र world wide web पर जानकारी तक पहुँचने के लिए एक सॉफ्टवेयर अनुप्रयोग है। जब कोई उपयोगकर्ता किसी विशेष वेबसाइट से एक वेब पेज का अनुरोध करता है, तो वेब ब्राउज़र एक वेब सर्वर(web srver) से आवश्यक सामग्री प्राप्त करता है और फिर स्क्रीन पर page प्रदर्शित करता है।


वेब ब्राउज़र का उपयोग कई उपकरणों पर किया जाता है, जिसमें डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन शामिल हैं। 2019 में, अनुमानित 4.3 बिलियन लोगों ने एक ब्राउज़र का उपयोग किया। [4] सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला ब्राउज़र Google Chrome है, जिसमें सभी उपकरणों पर 64% हिस्सेदारी है, इसके बाद Safari 17% है।


वेब डिज़ाइन कैसे सीखे? web designer कैसे बने ?

Web design सिखने के लिए पहले तो आपको ये याद रखना होगा की आप खुदको creative बनाना पड़ेगा। क्योँ की designing एक ऐसा काम हे की एक चीज़ को जितना भी सुन्दर बनाओ फिर भी आपको लगेगा कही कमी रहगया। अगर आप खुदके लिए website design कर रहे हैं तो फिर आप खुद के requirement के हिसाब से डिज़ाइन कर सकते हैं। लेकिन अगर आप किसी कंपनी में काम करना चाहते हैं तो आपको हमेसा client requirement के हिसाब से बनाना पड़ेगा और इसीलिए आपको हर चीज़ सही तरीके से सीखना पड़ेगा।

वेब डिज़ाइन में पहला component है HTML क्योँ की ये एक ही language है जो browser में web page को दिखने में मदद करता है। अगर आप page को ही नहीं दिखा पाएंगे तो design करके कुछ भी फ़ायदा नहीं होगा। Youtube और google में बोहत सरे tutorials है जो फ्री में HTML सीखा ते हैं। अगर कोई भी आपको इसके लिए पैसे मांगे तो उसके बातो मे मत आइये क्योँ की इसको आप बिलकुल free में सिख सकते हैं।

हमारा जो दुशरा component है व है CSS । यह designing के लिए use होने वाले सबसे लोकप्रिय language है। इसको भी आप बिलकुल free में youtube या googe से सिख सकते हैं। आज कल css को easily इस्तमाल करने केलिए बोहत सारे content delivery network (CDN) उपलब्ध है जिसका उपयोग कर सकते हैं।

CDN क्या है?

एक website का सबसे महत्वपूर्ण feature होता है उसका speed ।एक site अगर load होने में ज्यादा समाय लेता है तो उस पर user review निचे चला जाता है।Loading time ज्यादातर storage पर निर्वर करता है। इसका मतलब यह है की आप के सर्वर को एक साथ जितना ज्यादा request अता है सर्वर पर उतना ज्यादा लोड पड़ता है। इसको avoid करने के लिए CDN का उपयोग किया जाता है।


CDN का मुख्य काम है सर्वर पर लोड को कम करना। जो css और javascript के files हम अपने सर्वर में रखते हैं वो सब CDN में पहले से ही available होता है। सबसे popular CDN है BOOTSTRAP


वेब डेवलपमेंट कैसे सीखें ?Web developer कैसे बने ?


Web development सिखने के लिए आपको php,python,javascript,java अदि scripting और programming language में माहिर होना पड़ेगा। ये सब free में हैं लेकिन अगर आपको expert बनना है तो किसी expert से ट्रेनिंग लेना पड़ेगा। ये सब का इस्तमाल करके आप backend या server side program बना सकते हैं। बिना backend के frontend का लोई भी value नहीं है क्योँ की सर्वर backend के user के request को समझता है और उसीके जरिये ही response भेजता है।

वेब डेवलपमेंट का एक और component है database . इसका इस्तमाल वेबसाइट में ब्यबहृत होने वाले data को मैनेज करने केलिए किया जाता है। ये data user के हो सकते हैं या फिर website के द्वारा दियेगये information भी हो सकते हैं।

CMS क्या है?

CMS का full form है content management system. इसका मुख्या काम है web design और web development को एक साथ provide करना। CMS साध रणतः themes और plugins के मदद से एक सम्पूर्ण website बोहत कम समय में बनाए में मदद करता है, जैसे

  1. blogger ,

  2. wordpress ,

  3. WIX अदि।

Web designer की salary

आप कोई भी नौकरी करे salary हमेसा आपके talent और performance के मिलता है। भारत में freshers के salary Rs. 6000/- से लेकर Rs. 12000/- तक होती है। Experience holder के सैलरी Rs. 20,000/- से Rs. 40000/- तक होती है।

Web developer की salary

India में एक वेब डेवलपर की salary Rs. 11000 /- से लेकर Rs.65000/- तक होती है। ये salary हमेस state to state अलग होता है। सैलरी company के origin के हिसाब से भी बदल ता है ,जैसे अगर foreign based कंपनी हो तो सैलरी ज्यादा होती है।

Full-stack Developer क्या है और कैसे बने?

एक ही इंसान अगर web design और web development दोनों कर सकता है तो उसे full-stack developer कहा जाता है। आज कल अधिकतर कंपनी full- stack developer ही हैं। क्योँ की ये लोग एक साथ दो लोगों के काम करते है तो कम सैलरी में कम्पनी का ज्यादा काम हो जाता है। इसलिए अगर आप इसकी तरफ ध्यान देंगे तो आसानी से नौकरी मिल सकती है।

Full-stack developer की salary

कई surveys बाद यह जानने को मिला है की एक full-stack डेवलपर की सैलरी Rs.40000/- से लेकर Rs.60000/- के बिच में होता है। ये लोग की सैलरी experience के साथ badhta है क्यों की ये लोग एक साथ दो काम करते हैं।


Web design और Web developement के फायदे

Web design और web development सिखने के baad आप एक बोहोत ही अच्छा carrier बना सकते हैं। चलिए देखते हैं क्या क्या job options है और कोनसे तरीके है इसमें carrier बनाने के लिए।

  • आप कोई भी company में web designer और web developer की job को अपना profession बनाकर अपना कर्रिएर सेट कर सकते हैं।इसके लिए पहले आपको interview देकर एक fresher की designation से शुरुआत करना होगा। फिर जब आपका experience हो जायेगा तब आप सैलरी बढ़ाने की मांग कर सकते हैं ।

  • आप अपनी खुद की website और blog बना सकते हैं। यदि आपको अपनी वेबसाइट पर बहुत सारे views मिलते हैं तो आप विज्ञापनों को integrate करके पैसा कमा सकते हैं।

  • आप अपने कैरियर को एक freelancer के रूप में शुरू कर सकते हैं। Freelancing में आप एक ही कंपनी के लिए काम न करके अलग अलग कोम्पनिओ के project पर काम करते हैं करते हैं।

Conclusion

मुझे उम्मीद है इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मन में Web design और Web development को लेकर जो भी संदेह था वो सब दूर होगया होगा। वैसे तो आपको बोहत सरे article मिल जाएँगे web design के बारे मे ,लेकिन मैं खुद एक web designer हूँ तो इस लेख में आपको पूरी जानकारी देने की कोसिस की है। अगर फिर भी आपके मन में कोई भी संदेह है या फिर में कुछ लिखना भूलगया हूँ तो निचे comment करके जरूर बताइये।


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