• Subhasish Mishra

IP Address in Hindi क्या है और अपना IP address कैसे पता करे ?

Updated: Aug 20

IP Address क्या है?अपना IP address कैसे पता करे ?इन सवालों का जवाब जानने से पहले जरा आप ये सोचिए की अपने पहली बार इसके बारे मे कहाँ सुना था। आज कल हर कोई अपने कंप्यूटर और mobile पर internet इस्तमाल कर रहा हे, लेकिन IP address जो की इंटरनेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है उसके बारे में ज्यातर लोगो को पता नहीं होता है। जैसे की इसके नाम से ही पता चल रहा है की यह एक address है जो की एक से अधिक device के बिच संपर्क बनाने में मदद करता है।



computer या mobile device को इंटरनेट के साथ जोड़ने मे IP address एक एहम भूमिका निभाता है। लोग परोख्य रूप से इसका इस्तमाल तो करते है लेकिन किसीको पता हानि हे की यह असल में क्या होता है। तो चलिए जानते है IP address क्या है और अपने IP address कैसे पता करे



IP Address क्या है?(IP address in Hindi)

IP Address in Hindi ,जिसका पूरा नाम है Internet Protocol Address, एक संख्यात्मक unique address है जो कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक डिवाइस को सौंपा गया है जो संचार के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल का उपयोग करता है।


आईपी एड्रेस internet का एक जरुरी तत्व है क्योँ की इसके बिना एक device से दूसरे device पर डाटा ट्रांसफर सम्भब ही नहीं है। यह हमारे घर के address जैसा ही है। हर device का IP address अलग होता है क्योँकि इसके जरिये ही हमारे computer और मोबाइल का पहचान internet पर होता है।


जब हम अपने ब्राउज़र में जबकोई भी search करते हैं तब router के जरिये सर्वर तक एक request जाता है जिसमे दो IP address होते हैं। एक होता है server computer का एड्रेस और एक होता है हमारे डिवाइस का एड्रेस। Router उस एड्रेस को इस्तमाल करके ही data का आदानप्रदान करता है। चाहे वो mobile हो या computer हर डिवाइस का IP address अलग होता है।


IP address का इतिहास (History of IP address in Hindi)

1990 के दशक की शुरुआत तक इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और अंतिम-उपयोगकर्ता संगठनों को असाइनमेंट के लिए उपलब्ध IPv4 एड्रेस स्पेस की तीव्र थकावट ने इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फोर्स (IETF) को इंटरनेट पर एड्रेसिंग क्षमता का विस्तार करने के लिए नई तकनीकों का पता लगाने के लिए प्रेरित किया। परिणाम 1995 में इंटरनेट प्रोटोकॉल संस्करण 6 (IPv6) के रूप में जाना जाने वाला इंटरनेट प्रोटोकॉल का एक नया स्वरूप था। [३] [४] [५] 2000 के मध्य तक IPv6 तकनीक विभिन्न परीक्षण चरणों में थी जब वाणिज्यिक उत्पादन की तैनाती शुरू हुई।


आज, इंटरनेट प्रोटोकॉल के ये दो संस्करण एक साथ उपयोग में हैं। अन्य तकनीकी परिवर्तनों में, प्रत्येक संस्करण अलग-अलग पते के प्रारूप को परिभाषित करता है। IPv4 की ऐतिहासिक व्यापकता के कारण, सामान्य शब्द IP पता आमतौर पर IPv4 द्वारा परिभाषित पतों को संदर्भित करता है। IPv4 और IPv6 के बीच संस्करण अनुक्रम में अंतर 1979 में प्रयोगात्मक इंटरनेट स्ट्रीम प्रोटोकॉल के संस्करण 5 के असाइनमेंट के परिणामस्वरूप था, जिसे हालांकि IPv5 के रूप में संदर्भित नहीं किया गया था।


अन्य संस्करणों v1 से v9 को परिभाषित किया गया था, लेकिन केवल v4 और v6 ने कभी व्यापक उपयोग प्राप्त किया। 1974 और 1977 में टीसीपी प्रोटोकॉल के लिए v1 और वी 2 का नाम दिया गया था, क्योंकि उस समय आईपी विनिर्देशों को अलग करना था। v3 को 1978 में परिभाषित किया गया था, और v3.1 पहला संस्करण है जहां टीसीपी को आईपी से अलग किया गया है। v6 कई सुझाए गए संस्करणों का एक संश्लेषण है, v6 सरल इंटरनेट प्रोटोकॉल, v7 TP / IX: अगला इंटरनेट, v8 PIP - P इंटरनेट प्रोटोकॉल और v9 TUBA - टीसीपी और यूडीपी बड़े पते के साथ।

IP address in Hindi का इस्तमाल क्योँ किया जाता है ?

मुख्यतः IP address दो ही काम करता है। इसका पहला काम है इंटरनेट में एक host की पहचान करना और दूसरा है उसका स्थान प्रदान करना। इसकी भूमिका है: "एक नाम इंगित करता है कि हम क्या चाहते हैं। एक पता इंगित करता है कि यह कहां है। एक मार्ग इंगित करता है कि वहां कैसे पहुंचा जाए।" प्रत्येक IP पैकेट के हेडर में भेजने वाले होस्ट और गंतव्य होस्ट का आईपी पता होता है।चलिए एक उदहारण के जरिये IP address in Hindi का कार्य को समझते हैं।


मान लीजिये की आप कोई भी एक कंपनी के mobile device का इस्तमाल कर के इंटरनेट एक्सेस कररहे है। अब आपने google में जाकर कुछ सर्च किया और वो request सर्वर में जाता है। अगर उस request के साथ IP address नहीं भेजा जायेगा तो जब सर्वर response भेजेगा वो किसी के भी मोबाइल पर भेज साक्ता है जो आपके ही brand का mobile device इस्तमाल कर रहा है।


इसलिए जब IP address in Hindi बोहत ही महत्वपूर्ण है क्योँ की यह एक विशेष उपकरण का प्रतिनिधित्व करता है और केवल इसिके वजह से तथ्य हमेसा उसको मिलता है जिसको मिलनी चाहिए। IP address in Hindi के वजह से ही इंटरनेट में privacy बानी रहती है


IP Address के संस्करण( IP Address in Hindi versions )

इंटरनेट में दो तरह के IP Address इस्तमाल होते हैं।

  1. IPv4

  2. IPv6

IPv4

यह इंटरनेट प्रोटोकॉल का पहला version था जो 1983 में ARPANET के अंदर इस्तमाल किया गया था। IPv4 32 bits का होता है ,इसका मतलब यह है की इसमें केवल 4 billion address बन सकते थे। IPv4 address आमतौर पर दशमलव में दर्शाए जाते हैं, जिसमें चार दशमलव संख्याएँ होती हैं, जिनमें से प्रत्येक 0 से 255 तक होती है और इनको डॉट्स से अलग किया जाता है। इन चार भागो में से प्रत्येक भाग 8 bits के होते हैं।


IPv6

यह इंटरनेट प्रोटोकॉल का दूसरा version है जिसका इस्तमाल 1995 में सुरु हुआ था। इसका range 128 bits तक बढ़ाया गया क्योँ की हर दिन कई सरे नए device इंटरनेट से जुड़ रहे थे। यह आधुनिक नेटवर्क सेगमेंट के addressing infrastucture को अलग करने का अवसर प्रदान करता है।या किसी भी अलग अलग network को आसानी से जोड़ सकता है।


8516 : d097 : 409e : 4062 : 8540 : 4074 : 31e0 : 229e

IP Adress के प्रकार (Types of IP address in Hindi)

इंटरनेट सेवा इस्तमाल करने वाले प्रत्येक device के दो प्रकार के IP address होते हैं: Private IP address और Public IP address।


Private IP address

आपके घर के इंटरनेट नेटवर्कजैसे wi-fi से जुड़ने वाले हर उपकरण का private IP address होता है। सबसे स्पष्ट रूप से, यह आपके घर में उपयोग किए जाने वाले किसी भी कंप्यूटर, स्मार्टफोन और टैबलेट को शामिल करेगा। इसमें आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले किसी भी Bluetooth device जैसे speaker या printer, आपके द्वारा सेट किए गए कोई भी स्मार्ट डिवाइस इत्यादि भी शामिल होंगे।


आपके wi-fi router को इनमें से प्रत्येक device को अलग से address देने का एक तरीका चाहिए, और कई device को एक-दूसरे को पहचानने के लिए एक तरीके की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, जब आप अपने Bluetooth headphone को अपने स्मार्टफ़ोन के साथ pair किये जाते हैं, तो आपको एक दूसरे को पहचानने के लिए address की आवश्यकता होती है। इसलिए, आपका राउटर private IP address उत्पन्न करता है जो प्रत्येक उत्पाद के लिए विशिष्ट पहचानकर्ता हैं जो उन सभी को नेटवर्क पर अलग करता है।

Public IP address

आपका public IP address आपके पूरे नेटवर्क से जुड़ा एक प्राथमिक address है। जहां प्रत्येक कनेक्टेड डिवाइस का अपना IP address है, उन सभी को आपके नेटवर्क के लिए मुख्य public IP address के तहत भी शामिल किया जाता है।


आपका public IP address आपके राउटर को आपके ISP(इंटरनेट सेवा प्रदाता) द्वारा प्रदान किया जाता है। उनके पास आमतौर पर IP address का एक बड़ा collection होता है, जिसे उन्होंने अपने विभिन्न ग्राहकों के बीच खरीदा और वितरित किया होता है। यह वह address है जो आपके इंटरनेट नेटवर्क के बाहर के सभी उपकरण आपके नेटवर्क और उससे जुड़ी किसी भी चीज़ को पहचानने के लिए उपयोग किया जाता है ।


आपका सार्वजनिक आईपी पता आपकी सभी इंटरनेट गतिविधि से जुड़ा हुआ है। यदि आईएसपी को अपने सर्वर पर हो रही अवैध गतिविधि के बारे में नोटिस मिलता है, तो पुब्लिश IP address उन्हें बताता है कि कौन सा ग्राहक इसके पीछे है। इसलिए यदि आप गैरकानूनी रूप से मीडिया डाउनलोड करते हैं या स्पैम के रूप में गिनती करने वाले ईमेल भेजते हैं, तो आपका public IP address से उन व्यवहारों का पता कैसे लगाया जा सकता है।


Public IP address दो प्रकार के होते हैं।

  • Dynamic IP address

  • Static IP address

Dynamic IP address

Dynamic IP address अक्सर अपने आप बदलते रहते हैं। अधिकांश इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को उनके Internet service provider से एक dynamic IP address प्रदान किया जाता है। ISP ,IP address का एक बड़ा ब्लॉक खरीदते हैं और प्रत्येक ग्राहक को स्वचालित रूप से प्रदान करते हैं। फिर, वे समय-समय पर उन्हें एक नया काम सौंपते हैं और पुराने एक को दूसरे ग्राहक के लिए पुनर्नवीनीकरण करने के लिए ब्लॉक में वापस रख देते हैं।


यह IP address प्रदान करने के लिए एक अजीब दृष्टिकोण की तरह लग सकता है, लेकिन यह ISP के काम करने के लिए सस्ता होता है और storing को भी आसान बनाता है। विभिन्न network के बीच IP address की आदान प्रदान एक सामान्य और स्वचालित प्रक्रिया है। एक बार assign करने के बाद किसी ग्राहक के लिए IP address को फिर से सेटअप करने के लिए कुछ विशेष नहीं करना पड़ता है।


यह ग्राहकों के लिए अधिक सुरक्षित होने के लिए भी काम करता है। जब आपका IP address नियमित रूप से बदलता है, तो बाहरी लोगों के लिए आपके नेटवर्क इंटरफ़ेस में हैक करना बहुत कठिन है।


Static IP address

Static IP address हमेसा स्थिर होता हैं। एक नेटवर्क को एक बार सौंपा जाता है, और यह महीनों और वर्षों एक ही रहता है और कभी बदलता नहीं है । बहुत से लोगों या व्यवसायों को Static IP address की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन कुछ costly उपयोग हैं जहां एक Static IP address को इस्तमाल करना महत्वपूर्ण है। यह किसी भी व्यवसाय के लिए मुख्य है जो अपने स्वयं के सर्वर host करना चाहते है।


यदि आप अपना स्वयं का सर्वर बनाए रखेंगे, तो एक Static IP address यह सुनिश्चित करेगा कि उस पर कोई भी वेबसाइट या ईमेल पता लगातार IP पते से जुड़ा रहेगा। यह महत्वपूर्ण है यदि आप चाहते हैं कि अन्य डिवाइस उन्हें वेब पर लगातार ढूंढने में सक्षम हों।


अपना IP address कैसे पता करे?(How to check IP address in Hindi)


हमने अबतक IP address क्या है ? यह जान लिया। अब हम जानेंगे की अपने device चाहे वो computer हो या mobile उसका IP address कैसे पता करेंगे ?


इसके लिए हमारे पास दो तरीके हैं।

  • Internet में सर्च करके।

  • Command prompt का इस्तमाल करके

1.Internet में सर्च करके

आप अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन का IP address इंटरनेट से पता कर सकते हैं। इसके लिए पहले डिवाइस पैर web browser खोले और search box में "What is my IP " लेख कर सर्च करे। सर्च पूरा होने के बाद आपको आपका public IP address मिल जायेगा।

2.Command prompt का इस्तमाल करके

Windows: अपने command prompt पर जाये और वहां पे "ipconfig" command टाइप करने के बाद enter दबाये। यहाँ पर जो IP address आपको मिलेगा वो आपका private IP address है।

Linux:अपने कंप्यूटर में terminal window खोले और ipconfig -a या ip addr show command टाइप करके एंटर दबाये। इस से आपको आपकी private ip address मिल जायेगा।


macOS:command prompt में ipconfig कंमन्द टाइप करके अपना private ip address पा सकते हैं।


Android:अपने स्मार्टफोन के settings menu में जाने के बाद उसमे ip address सर्च कर सकते हैं या फिर About phone section में जा कर अपना private IP address पा सकते हैं।



Conclusion

उम्मीद है पोस्ट IP Address in Hindi क्या है और अपना IP address कैसे पता करे ? आपको जरूर पसंद आया होगा।अगर कोई संदेह हो या फिर मैंने कुछ नहीं बताया हो तो निचे कमेंट कर। इस पोस्ट को like और share जरूर करे।



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